रजनीकांत (Rajinikanth) स्टारर फिल्म ‘कूली’ (Coolie) की सेंसरशिप प्रक्रिया उम्मीद से कहीं ज्यादा मुश्किल रही। इस बात का खुलासा खुद फिल्म के निर्देशक लोकेश कनगराज ने किया है। उन्होंने बताया कि सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) ने शुरुआत में फिल्म में 35 कट्स लगाने की सिफारिश की थी।
सेंसर बोर्ड के साथ लंबी बातचीत
26 जनवरी को आयोजित एक प्रेस मीट में लोकेश कनगराज ने सेंसर बोर्ड के साथ हुई लंबी चर्चा और उसके बाद लिए गए कठिन फैसले के बारे में खुलकर बात की। उन्होंने बताया कि टीम को डर था कि इतने ज्यादा कट्स से फिल्म का प्रभाव और आत्मा पूरी तरह खत्म हो जाएगी।
लोकेश ने कहा,
“हमने दोबारा सेंसर के लिए आवेदन किया, लेकिन उन्होंने फिर से वही 35 कट्स सुझाए। मैं फिल्म की कहानी और टोन से समझौता करने को तैयार नहीं था।”
क्यों स्वीकार किया ‘A’ सर्टिफिकेट?
निर्देशक के सामने दो ही विकल्प थे—या तो और कट्स लगाए जाएं या फिर फिल्म को ‘A’ सर्टिफिकेट के साथ रिलीज किया जाए। अंततः उन्होंने रचनात्मक स्वतंत्रता को प्राथमिकता देते हुए ‘A’ सर्टिफिकेट के साथ आगे बढ़ने का फैसला किया।
CBFC के अनुसार, फिल्म की थीम और कुछ दृश्य, खासकर इलेक्ट्रिक श्मशान (Electric Cremation) का चित्रण, इसे U या U/A सर्टिफिकेट देने में बाधा बन रहे थे।
लोकेश ने कहा,
“बोर्ड का मानना था कि फिल्म की विषयवस्तु ‘A’ सर्टिफिकेट के अंतर्गत आती है।”
भारी आर्थिक नुकसान
हालांकि अपने फैसले पर कायम रहते हुए भी लोकेश ने माना कि इसका बड़ा आर्थिक नुकसान हुआ। उनके अनुसार,
‘A’ सर्टिफिकेट की वजह से फिल्म को करीब 40–50 करोड़ रुपये के बिज़नेस का नुकसान हुआ।
दमदार स्टार कास्ट
‘कूली’ में रजनीकांत के साथ
- नागार्जुन अक्किनेनी
- सौबिन शाहिर
- उपेंद्र
- श्रुति हासन
- सत्यराज
- रचिता राम
जैसे कलाकार अहम भूमिकाओं में नजर आए।
इसके अलावा, फिल्म में आमिर खान और पूजा हेगड़े ने भी विशेष (कैमियो) भूमिकाएं निभाई हैं।
फिल्म का जॉनर
‘कूली’ एक तमिल भाषा की एक्शन थ्रिलर फिल्म है, जिसमें रजनीकांत एक बार फिर दमदार और गंभीर अवतार में नजर आते हैं।
